वाराणसी। अग्निवीर योजना के विरोध में आगजनी व तोड़फोड़ करने के मामले में तीस आरोपित युवकों को जमानत मिल गई। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (द्वितीय) रोहित रघुवंशी की अदालत ने बलिया निवासी अखिलेश कुमार तिवारी, प्रिंस सिंह, शुभम कुमार सिंह सहित तीस युवाओं को 50-50 हजार रुपए की दो जमानतें एवं बंधपत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया। अदालत में आरोपितों की ओर से अधिवक्ता वरूण प्रताप सिंह उर्फ प्रिंस व उनके सहयोगी अधिवक्ता विनोद यादव ने पक्ष रखा।

⚡अभियोजन पक्ष के अनुसार प्रभारी निरीक्षक संजय सिंह ने 19 जून 2022 को थाना आरपीएफ पोस्ट बलिया में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। वह अग्निवीर योजना के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए रेलवे स्टेशन पर गश्त कर रहे थे। उसी दौरान सूचना मिली कि कुछ नवयुवक बलिया रेलवे स्टेशन पर जमा है और उग्र प्रदर्शन कर सरकारी सम्पत्ति रेलवे परिसर को क्षतिग्रस्त लाठी- डंडे व पत्थरों से तोड़फोड़ कर रहे हैं। इस दौरान फोर्स के साथ बलिया स्टेशन पर पहुंचा तो करीब 350 से 200 अज्ञात अधिक दंगाई अपने हाथों में लाठी-डंडे व ईंट-पत्थर से लैस होकर स्टेशन परिसर में तोड़फोड़ कर पत्थरबाजी कर रहे थे। पुलिस ने जब उन्हें रोकने का प्रयास किया तो उसमें से कुछ लड़कों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया और सिपाही का गला दबाकर उसे मारने का प्रयास किया। जिस पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर कुछ लोगों को मौके से पकड़ लिया गया। इसी में तीस आरोपित भी शामिल थे। जिसके बाद पुलिस ने उनके खिलाफ़ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया था ।।

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