ककरमत्ता स्थित होटल एलिगेंस में आयोजित कार्यशाला की शुरुआत समिति के सचिव रजनीश श्रीवास्तव के गणेश वंदना द्वारा किया गया। गणेश वंदना के पश्चात अतिथियों सहित हाल में उपस्थित सभी का स्वागत सचिव महोदय द्वारा किया गया।

स्वागत के पश्चात दिल्ली , रोहतक से आये मेंटॉर राकेश नागर, विशाल सूरमा, संजीव ढल को अंगवस्त्रम व रुद्राक्ष की माला सहित मोमेंटो समिति के अध्यक्ष गोपाल शर्मा व सचिव रजनीश श्रीवास्तव सहित उपाध्यक्ष द्वय संजीव श्रीवास्तव, डी. के.राजू एवं कोषाध्यक्ष गौतम बिजलानी द्वारा संयुक्त रूप से प्रदान किया गया।
मंच संचालन करते हुए गोपाल शर्मा ने कहा कि कैमरा जितना महत्वपूर्ण है लेकिन उससे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं कैमरे के पीछे रहने वालों की नज़र..
कैमरा व फोटोग्राफर हैं तो ही अखबारों एवं टीवी में रंग तथा विविधता है वर्ना बहुत कुछ ब्लैक एंड व्हाइट ही है।
मास्टर मेंटॉर राकेश नागर ने कहा कि स्वतंत्र भारत में भी ढेरों शिक्षा संस्थान खुले हुए है पर फ़ोटोग्राफ़ी सिखाने के संस्थान नहीं के बराबर खुले।
जो खुले भी तो वे ज्यादातर फ़िल्म इंडस्ट्री के लिए हैं। व्यावसायिक तौर पर कुछ संस्थान खुले लेकिन वे इतने हाई फाई की हम सभी की पहुँच से बाहर है।
अधिकतर फ़ोटोग्राफ़र भाई सेल्फ़ मेड हैं… ऐसे साथियों के अपग्रेशन लिए यह वर्कशॉप रखी गई है।
बनारस शहर में स्किल इंडिया के विषय में भी उन्होंने कहा कि स्किल इंडिया का मतलब अक्सर लोग समझते हैं कि फैक्टरियों /प्लांटों में काम करना ही स्किल इंडिया का हिस्सा है जब कि ऐसा नही है। फोटोग्राफी करना एक कला है और यह कला सभी के पास नही होती। फोटोग्राफी की कला को भी स्किल इंडिया में जोड़ा जाना चाहिए। इस कला को शानदार स्किल माना जाए
इसमें कलात्मकता रचनात्मकता बदलती रहती है उसी बदलती रचनात्मकता को आज की टेक्नालॉजी से जुड़ कर ही प्राप्त किया जा सकता है।
उनके द्वारा दिये गए वक्तव्यों पर सभागार लोगो द्वारा बार बार तालियों से अभिवादन किया जा रहा था।
मेंटॉर विशाल सूरमा ने वेडिंग शूट के दौरान आने वाली परेशानियों का निराकरण करते हुए गिम्बल ऑपरेटिंग की थ्योरिकल व प्रैक्टिकल जानकारियां भी बताईं, साथ ही उपस्थित प्रतिभागियों के इक्विपमेंट को सही से प्रयोग करने के बारे में बताया।
दोनों मेंटरों ने वीडियो व स्टिल कैमरों के डीप मीनू के उपयोग के बारे में विस्तृत जानकारियाँ दीं।
सभी की जागरूकता बनी रहे इसलिए बार बार मेंटरों द्वारा हँसी-मजाक व उनकी खिंचाई के साथ-साथ अपने बताए प्रश्नों के उत्तर मिलने पर उन्हें विभिन्न प्रतिष्ठित लैबों के गिफ्ट वाउचर भी बांटे गए। इससे सभी प्रतिभागी संतुष्ट व प्रसन्न दिखे।
हरियाणा रोहतक से आये संजीव ढल ने कहा कि टेक्निकल ज्ञान को बढ़ाना तो अपने व्यवसाय के लिए बहुत जरूरी है पर उससे भी ज्यादा जरूरी है आपस में संगठित रहना, उन्होंने कहा कि बाहर की संस्थाओं के बजाए अपने शहर की संस्था से जुड़े रहने पर ही समय- समय पर शासन/प्रशासन का सहयोग भी सहज प्राप्त होगा।
लंच के बार बार आग्रह के बावजूद प्रतिभागी गण आये हुए मेंटरों तथा उदबोधन कर्ताओं को अपनी बात जारी रखने को कह रहे थे।
मंच संचालन कर रहे अध्यक्ष गोपाल शर्मा ने मेंटरों सहित सभी प्रतिभागियों तथा प्रायोजकों को धन्यवाद देते हुए आश्वासन दिया कि स्किल इंडिया कार्यक्रम में फोटोग्राफी को ऐड करवाने के प्रयास हेतु हम शासन/प्रशासन से भी प्रयास करेंगे कि वे भी इसमें बढ़ चढ़ के सहयोग दें। उन्होंने कार्यक्रम की सफलता हेतु साथ देने वाले सभी साथियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उनका आभार व्यक्त किया ।
कार्यक्रम संयोजक उमेश जैन व बलजीत गुप्ता रहे।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से श्रीराम पांडेय, शिवशंकर गौड़, राजेश खनेजा, हरीश शर्मा, पुरुषोत्तम तोदी, शंकर तोदी, कमल तोदी, अमित व मनोज जालान, विवेक विश्वकर्मा, मनीष वाधवा, लखन साहनी इत्यादि रहे ।।

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