तोक्यो : रूस के खिलाफ प्रतिबंधों को बढ़ाने को लेकर जापान और यूरोपीय संघ बृहस्पतिवार को राजी हो गए। दोनों देशों के नेताओं ने हिद-प्रशांत क्षेत्र में इस युद्ध के असर को लेकर चिताएं व्यक्त की हैं, जहां चीन की बढ़ती पैठ के बीच वे आपसी भागीदारी मजबूत करने समेत सहयोग बढ़ाना चाहते हैं। जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वोन देर लेयेन तथा यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष चाल्र्स माइकल के साथ तोक्यो में बातचीत की।

किशिदा ने एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जापान रूस के खिलाफ कड़े प्रतिबंधों का समर्थन करता है और यूक्रेन को समर्थन देता है, क्योंकि युद्ध ने ”न केवल यूरोप बल्कि एशिया में भी विश्व व्यवस्था की नींव हिला दी है। उन्होंने कहा, ”यूरोप और हिद-प्रशांत में सुरक्षा एक-दूसरे से अलग नहीं है। यूरोपीय संघ के नेताओं ने कहा कि वे क्षेत्र में वृहद भूमिका और जिम्मेदार उठाना चाहते हैं तथा डिजिटल बदलाव, नवीनीकरण ऊर्ज़ा और जलवायु समेत विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर राजी हो गए हैं।

वोन देर लेयेन ने बीजिग की बढ़ती समुद्री आक्रामकता और उत्तर कोरिया के मिसाइल और परमाणु खतरों को लेकर बढ़ते तनाव का जिक्र करते हुए कहा, ”हिद-प्रशांत एक संपन्न क्षेत्र है। पूर्वी और दक्षिणी चीन सागरों में स्थिति या उत्तर कोरिया के निरंतर खतरे पर विचार किया है। हम ऐसे क्षेत्र में अधिक जिम्मेदारी लेना चाहते हैं जो हमारी समृद्धि के लिए अहम है। माइकल ने कहा कि यूक्रेन पर सहयोग यूरोप में अहम है और हिद-प्रशांत में भी महत्वपूर्ण है।

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