• सीडीओ ने दिये निर्देश पखवाड़े को शत-प्रतिशत सफल बनाएं
• पोषण अभियान को जन आंदोलन का रूप देना सरकार का लक्ष्य
• ‘स्वस्थ बच्चे की पहचान और उत्सव’ एवं ‘पोषण मित्र के एकीकरण’ पर होगा ज़ोर
वाराणसी, 21 मार्च 2022 – पोषण अभियान को जन आंदोलन का रूप देने के लिए सोमवार से पोषण पखवाड़े का शुभारंभ किया गया। यह पखवाड़ा चार अप्रैल तक चलेगा।
सोमवार से जिले के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों पर बच्चों की उम्र के अनुसार उनकी वजन व लंबाई को माप कर चार्ट में अंकित करने का कार्य शुरू किया गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) डीके सिंह ने बताया कि मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक गोयल के दिशा-निर्देशन में जनपद के सभी विकास खंडों के बाल विकास परियोजना अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि शासन की मंशा के अनुरूप पखवाड़े को शत-प्रतिशत सफल बनाएं। इससे पहले तीन बार पखवाड़े का सफलतापूर्वक संचालन किया गया। इस बार पखवाड़े में ‘स्वस्थ बच्चे की पहचान और उत्सव’ एवं पोषण मित्र के विषयगत क्षेत्रों के भीतर स्वस्थ भारत के लिए आधुनिक और पारंपरिक प्रथाओं के एकीकरण पर ज़ोर दिया जाएगा। पखवाड़े के दौरान बच्चे की उम्र के अनुसार लंबाई, ऊंचाई व वजन मानक के अनुसार चार्ट में प्रदर्शन होगा। बच्चों के साथ किशोर-किशोरियों, गर्भवती व धात्री महिलाओं को पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी लाभ पहुंचाया जाएगा।
पोषण पखवाड़े का मुख्य उद्देश्य – डीपीओ ने बताया कि पखवाड़े का मुख्य उद्देश्य शून्य से छह वर्ष तक के बच्चों के पोषण स्तर तथा किशोर-किशोरियों, गर्भवती व धात्री महिलाओं में एनीमिया के स्तर में सुधार लाना है। इसके साथ ही समुदाय को स्वास्थ्य एवं पोषण के बारे में जागरूक करना तथा बच्चों को स्वस्थ एवं सुपोषित रखने के लिए समुदाय में अभिभावकों के मध्य प्रतिस्पर्धा का माहौल तैयार करना है।
तीन प्रमुख थीम – डीपीओ ने बताया कि इस बार पोषण पखवाड़े की तीन थीम रखी गयी है। पहली है जल प्रबंधन, दूसरी है रक्त अल्पता यानि एनीमिया की जांच, उपचार व परिचर्चा और तीसरी थीम है जनजातीय क्षेत्रों में स्वस्थ मां और बच्चे के लिए पारंपरिक भोजन को प्रोत्साहन देना। अलग-अलग थीम के लिए विभिन्न विभागों को नोडल विभाग बनाया गया है। इसमें जल शक्ति, स्वास्थ्य, शिक्षा, आयुष, स्कूली शिक्षा व साक्षरता, जनजातीय कल्याण, कृषि व किसान कल्याण और खाद्य व सार्वजनिक वितरण विभाग शामिल हैं। इसमें पंचायती राज, ग्रामीण विकास एवं आवास व शहरी कल्याण व अन्य विभाग सहयोग करेंगे। विभागों की ओर से विभिन्न गतिविधियों जरिए समुदाय को पोषण व स्वास्थ्य के बारे में जागरूक किया जाएगा।
