वाराणसी (Varanasi) के जिस घाट पर गोस्वामी तुलसीदास कभी बैठकर रामचरित मानस की चौपाइयां लिखा करते थे आज वो घाट हादसों को घाट बन गया है.बीते 20 दिनों में गंगा स्नान के दौरान वाराणसी के तुलसी घाट (Tulsi Ghat) पर डूबने से 5 लोगों की मौत हो गई है.लगातार हो रहे इस हादसों के बाद अब कमिश्नरेट पुलिस इसको लेकर गम्भीर नजर आ रही है और अब इस घाट पर गंगा स्नान के लिए पाबंदी लगा दी है.आम लोगों को इसकी जानकारी हो सके इसके लिए स्थानीय भेलूपुर थाने के आदेश पर यहां बोर्ड भी लगाया गया है.

वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस की ओर से लगाए गए इस बोर्ड पर लिखा है कि,’इस घाट पर पानी की गहराई अधिक होने के कारण यहां स्नान करना सख्त मना है.बताते चलें कि 13 अप्रैल को केंद्रीय विद्यालय मुगलसराय के दो छात्र अंकित और दिवाकर की यहां डूबने से मौत हो गयी थी । इसके करीब 17 दिन बाद 1 मई को फिर गंगा स्नान के दौरान 1 छात्र की डूबने से जान चली गई । इस हादसे के 24 घण्टे बाद यानी 2 मई को फिर 2 लोगों की यहां डूबने से मौत हो गई ।
पाबंदी के बाद भी नहा रहे लोग
लगातार हो रही मौतों के बाद स्थानीय लोगों ने भी यहां जल पुलिस और स्थानीय पुलिस के तैनाती की मांग की थी.जिसके बाद पुलिस ने यहां स्नान पर पाबंदी का बोर्ड लगा दिया.लेकिन हैरत की बात है कि पुलिस के इस बोर्ड के बाद भी लोग यहां स्नान कर रहे हैं.अब देखने की बात होगी कि पुलिस खुद के बनाए अपने नियमों का आम लोगों और श्रद्धालुओं से कैसे पालन कराती है ।

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