नयी दिल्ली | वैश्विक बाजारों में चमड़े के उत्पादों की बढ़ती मांग के कारण वर्ष 2022-23 में देश से चमड़े और चमड़े के उत्पादों का निर्यात बढ़कर छह अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर जाएगा। सीएलई ने सोमवार को यह जानकारी दी। चमड़ा निर्यात परिषद (सीएलई) के अध्यक्ष संजय लीखा ने कहा कि महामारी के कारण वैश्विक बाजार की गतिशीलता में बदलाव आया है और इस क्षेत्र के लिए निर्यात के बड़े अवसर पैदा हुए हैं। उन्होंने कहा कि व्यापार के उभरते अवसरों के साथ ही व्यापार समझौतों और सरकार के सक्रिय समर्थन से इस साल के बाकी महीनों में निर्यात वृद्धि तेज बनी रहेगी।

लीखा ने कहा, ”इन कारकों को ध्यान में रखते हुए, उद्योग को इस साल छह अरब अमेरिकी डॉलर के निर्यात मूल्य को पार करने का भरोसा है। वित्त वर्ष 2021-22 में इस क्षेत्र से निर्यात 32.5 प्रतिशत बढ़कर 4.9 अरब अमेरिकी डॉलर रहा था। इससे पिछले वर्ष में यह आंकड़ा 3.7 अरब अमेरिकी डॉलर था। उन्होंने कहा कि अमेरिका में निर्यात लगभग 78.5 प्रतिशत बढ़ा है। भारत के सबसे बड़े निर्यात बाजार यूरोप में भी निर्यात में वृद्धि दर्ज की गई। लीखा ने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात और ऑस्ट्रेलिया के साथ व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर से निर्यात को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

By

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *