अल रेयान : अमेरिका की युवा टीम फीफा विश्व कप में वापसी में जीत के करीब पहुंच गयी थी लेकिन गेरेथ बेल के गोल की मदद से वेल्स ने मैच में 1-1 से ड्रा खेला। बेल ने सोमवार की रात हुए इस फुटबॉल मैच में 82वें मिनट में पेनल्टी किक से गोल कर अपनी टीम को अंक बांटने में सहायता की। अमेरिकी टीम इस ड्रा से काफी निराश हो गयी जिससे उसका नॉकआउट चरण की राह और अधिक अनिश्चित हो गयी है।

मिडफील्डर ब्रेंडन आरोनसन ने कहा, ”आपको लग रहा था कि मैच आपके हाथों में हैं और आप मैच जीतने जा रहे हो। यह आपके मुंह पर करारा तमाचे की तरह है। अमेरिका ने टिम विया के 36वें मिनट में किये गये गोल से बढ़त बना ली थी। क्रिस्टियन पुलिसिच के पास से टिम विया ने गोल दागा और दर्शकों को जीत की उम्मीद जगायी जिसमें उनके पिता पूर्व ‘फीफा प्लेयर ऑफ द ईयर और लाइबेरिया के राष्ट्रपति जॉर्ज लिया मौजूद थे।
अमेरिका के कोच ग्रेग बरहाल्टर ने कहा, ”मैच के बाद ‘लॉकर रूम में जाते हुए आप टीम मे निराशा को देख सकते थे।

अमेरिकी टीम 2018 के टूर्नामेंट के लिये क्वालीफाई करने में चूक गयी थी। ब्रेनन जॉनसन ने शॉट लगाया जिसे आरोन रामसे ने इसे बेल की ओर किया लेकिन पेनल्टी स्पॉट के करीब बेल की पीठ गोल की ओर थी। जिमरमैन के गेंद को दूर करने के प्रयास में बेल के बायें पैर से संपर्क हुआ और कतर के रैफरी अब्दुलरहमान अल जासिम ने पेनल्टी दे दी।

बेल ने इस तरह गोलकीपर मैट टर्नर को छकाते हुए अपना 41वां गोल दागा। 109 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके बेल ने वेल्स को बराबरी पर ला दिया जो 1958 के बाद अपना पहला विश्व कप मैच खेल रही है। बेल ने कहा, ”निश्चित रूप से, यह मुश्किल मैच था। पहले हाफ में हम जैसा खेल खेलना चाहते थे, वैसा नहीं कर सके जबकि अमेरिका काफी अच्छा खेला। ग्रुप बी में अमेरिका की टीम अब शुक्रवार को इंग्लैंड से भिड़ेगी जिसने ईरान को 6-2 से पराजित कर खाता खोला। वहीं वेल्स का सामना ईरान से होगा। ग्रुप की दो शीर्ष टीमें अगले दौर में पहुंचेंगी।

By

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *