संयुक्त राष्ट्र | संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में इक्वाडोर, जापान, माल्टा, मोजांबिक और स्विट्जरलैंड का सदस्य देशों के रूप में मंगलवार को औपचारिक रूप से स्वागत किया गया। ये देश पिछले साल जून में दो वर्ष के कार्यकाल के लिए निर्विरोध चुने गए थे। 2018 में कजाखिस्तान की ओर से शुरू की गई परंपरा के अनुसार पांचों नए सदस्य देशों के राजदूतों ने मंगलवार को परिषद के चैंबर के बाहर अन्य सदस्यों के साथ अपने राष्ट्रीय ध्वज स्थापित किए।

मोजांबिक के राजदूत पेड्रो कोमिसारियो अफोंसो ने इसे ”ऐतिहासिक तारीख करार दिया। वहीं, स्विट्जरलैंड की राजदूत पास्कल बेरिसविल ने कहा कि उनका देश पहली बार संयुक्त राष्ट्र के सबसे शक्तिशाली निकाय में शामिल हुआ है, जिससे वह ”जिम्मेदारी और कृतज्ञता के भाव से सराबोर महसूस कर रही हैं। माल्टा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में दूसरी बार, इक्वाडोर चौथी और जापान 12वीं बार शामिल हुआ है। चीन, फ्रांस, रूस, अमेरिका और ब्रिटेन सुरक्षा परिषद के स्थाई सदस्य हैं और उनके पास वीटो अधिकार है। 193 सदस्यीय महासभा सुरक्षा परिषद के दस अन्य सदस्यों का चुनाव दो वर्ष के लिए करती है।

सुरक्षा परिषद के सदस्य के रूप में किसी देश के चयन को उसकी राजनयिक सफलता के तौर पर देखा जाता है। इससे अंतरराष्ट्रीय पटल पर संबंधित देश का कद बढ़ता है। साथ ही छोटे देशों को अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर बड़े मंच पर अपनी राय रखने का अवसर मिलता है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का गठन वर्ष 1946 में हुआ था और अब भी कम से कम 60 ऐसे देश हैं, जिन्हें कभी इसमें शामिल होने का मौका नहीं मिला है। इक्वाडोर, जापान, माल्टा, मोजांबिक और स्विट्जरलैंड सुरक्षा परिषद में भारत, आयरलैंड, केन्या, मेक्सिको और नॉर्वे का दो साल का कार्यकाल समाप्त होने के बाद शामिल हुए हैं।

By

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *