स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी के चलते जन्म से ही दिव्यांग हैं सगे भाई-बहन

वाराणसी, 3 अक्टूबर 2022
जनपद में सरकार की योजनाएं घर-घर पहुंचाने के लिए विभाग लगातार प्रयास है। इसका ताजा उदाहरण है रोली और अक्षत। उम्र क्रमशः 26 वर्ष व 24 वर्ष होने के बावजूद इनकी चलना-फिरना तो दूर खुद से करवट भी नहीं बदल सकते हैं। बिस्तर पर भी खिसकने के लिए उन्हें गोद का सहारा लेना पड़ता है। उनकी परिस्थितियों को देखते हुए जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा व मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम जन्मजात दिव्यांगों के घर पहुंची। जांच पड़ताल के बाद में रोली व अक्षत का दिव्यांगता का प्रमाणपत्र घर पर ही बनाया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. संदीप चौधरी ने बताया कि लक्सा रोड निवासी रोहित कुमार रस्तोगी की 26 वर्षीय पुत्री रोली व 24 वर्षीय पुत्र अक्षत स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी’ (एसएमए) से पीड़ित होने के कारण जन्म से ही दिव्यांग है। यह एक ऐसी दुलर्भ बीमारी है जो सबसे अधिक शिशुओं और छोटे बच्चों को प्रभावित करती है। एसएमए के शिकार बच्चे अपनी मांसपेशियों का उपयोग सही प्रकार से नहीं कर पाते हैं, क्योंकि यह बीमारी उनकी रीढ़ की हड्डी में नर्व सेल्स को खराब कर देती है। जिसके कारण मांसपेशियाँ कमजोर हो जाती हैं। एसएमए में बच्चों की मांसपेशियां पूरी तरह कमजोर और सिकुड़ जाती हैं, जिससे स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि पीड़ित बिना सहारे के बैठ और चल नहीं पाता है। बिना सहारे के वह उठ-बैठ भी नहीं सकते। उनकी इस गंभीर समस्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम उनके घर पहुंची। इस टीम में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र हाथी बाजार के हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. देवेन्द्र कुमार व दिव्यांग मेडिकल बोर्ड के सहयोगी अमलेंदु भूषण,कम्प्यूटर आपरेटर रौनक सिंह शामिल थे। इस टीम ने आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा कर बीते दिनों रोली व अक्षत के दिव्यांगता का प्रमाणपत्र बनाया।
रोली और अक्षत के पिता रोहित रस्तोगी ने बताया कि जन्म से ही दिव्यांग दोनों बच्चों का दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने के लिए उन्हें अस्पताल ले जाना होता। इस सम्बन्ध में उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से मुलाकात कर मदद मांगी थी। सीएमओ ने आश्वासन दिया था कि प्रमाणपत्र बनवाने के लिए उन्हे परेशान नहीं होना होगा। इस अनुरोध के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम उनके घर पहुंची और दोनों बच्चों के दिव्यांगता का प्रमाणपत्र बना दिया। उन्होंने इस सराहनीय कार्य के लिए जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. संदीप चौधरी का आभार व्यक्त किया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *