द्वितीय दिवस: दशाश्वमेध घाट पर खिचड़ी प्रसाद वितरण एवं शीतला घाट पर 51 लीटर दुग्ध से माँ गंगा का अभिषेकएवं चुनरी मनोरथ

वाराणसी । जय श्री कृष्णा फाउंडेशन (JSK) के 16वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित तीन दिवसीय ‘पंचामृत उत्सव 2026’ के दूसरे दिन शनिवार को सेवा और आस्था का संगम देखने को मिला।*प्रातः 7:00 बजे JSK के संस्थापक श्री संजीव अग्रवाल के नेतृत्व में लगभग 150 सदस्य दशाश्वमेध घाट पहुंचे। JSK के श्री प्रदीप मल्होत्रा एवं श्री हरे कृष्ण कक्कड़ के संयोजन में खिचड़ी बाबा मंदिर पर लगभग 500 श्रद्धालुओं एवं जरूरतमंदों को खिचड़ी प्रसाद वितरित किया गया।इसके पश्चात सदस्यगण बृहस्पति मंदिर में दर्शन-पूजन कर ‘बाबा विश्वनाथ’ एवं ‘हर हर गंगे’ के जयकारों के साथ शीतला घाट पहुंचे। वहां JSK परिवार द्वारा माँ गंगा का 51 लीटर दूध से दुग्धाभिषेक किया गया एवं 51 साड़ियों से माँ का चुनरी मनोरथ संपन्न हुआ। तत्पश्चात माँ शीतला के दर्शन-पूजन के उपरांत चाय-अल्पाहार के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।इस अवसर पर श्री अरविंद जैन, श्री रमेश सेठ, डॉ. वीरेंद्र केशरी श्री प्रदीप उपाध्याय, श्री धर्मेंद्र दूबे, श्री मुन्ना चौरसिया, श्रीमती आकांक्षा मिश्रा, श्री आलोक मिश्रा, श्री रितेश, श्री ऋषि जायसवाल, श्री शुभो घोष सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।*इसके पूर्व प्रथम दिवस* रात्रि 8:00 बजे दुर्गाकुंड स्थित त्रिदेव मंदिर में JSK आयोजन मंडल द्वारा ‘दिव्य माँ लक्ष्मी पूजन’ का धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ था। JSK की 175 महिला सदस्यों ने लाल वस्त्रों में सोलह श्रृंगार कर माँ लक्ष्मी के स्वरूप में पूजन किया। यह आयोजन सेवा, संस्कार, स्नेह और श्रद्धा के संगम के रूप में संपन्न हुआ।JSK के संस्थापक श्री संजीव अग्रवाल ने कहा कि “पंचामृत उत्सव समाज, धर्म, व्यवसाय, व्यक्तित्व और परमात्मा – इन पांच तत्वों के समन्वय का प्रतीक है। 16 वर्षों से JSK परिवार सेवा को ही पूजा मानकर कार्य कर रहा है। तीन दिवसीय इस उत्सव के माध्यम से हम काशी की जनता को जोड़कर सेवा-संस्कार का संदेश घर-घर पहुंचा रहे हैं।”आगामी कार्यक्रम: 5 जुलाई, रविवार को प्रातः 6:30 बजे श्री काशी विश्वनाथ धाम में ‘महा रुद्राभिषेक’ और फिर एक शाम भाग्यश्री के नाम के साथ पंचामृत उत्सव का समापन होगा ।।

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