वाराणसी ककरमत्ता स्थित पॉपुलर सुपर मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में वाराणसी में पहली बार एंडोस्कोपी दूरबीन विधि द्वारा स्पाइन सर्जरी की अत्याधुनिक तकनीक के द्वारा पॉपुलर हॉस्पिटल में सुविधा उपलब्ध है। इस विधि से बुजुर्ग भी अपना ऑपरेशन सरल तरीके से करवा सकते हैं। यह विशेष जानकारी पॉपुलर हॉस्पिटल न्यूरो विभाग के डॉ कमलेश सिंह न्यूरो एण्ड इंडोस्कोपी स्पाइन सर्जन ने दी। उन्होंने बताया कि आमतौर पर मरीज को स्पाइन से संबंधित जो लक्षण पाए जाते हैं उनमें गर्दन में दर्द, पीठ में दर्द, कमर दर्द, पैरों में दर्द, पैरों में झुनझुनी इत्यादि है। इन लक्षणों की शुरुआत आरंभिक अवस्था में धीरे-धीरे होती है, जो बाद में जटिल हो जाती है जब तक मरीज इन सारी चीजों को समझता है उस समय तक बीमारी इतनी बढ़ चुकी होती है की सर्जरी अलावा इसका कोई दूसरा विकल्प नहीं बचता है। साथ ही डॉक्टर ने बाद में यह भी बताया कि इंडोस्कोपिक दूरबीन विधि के द्वारा स्पाइन सर्जरी कम समय में पूरी हो जाती है साथ ही मरीज को दर्द का अनुभव नहीं होता है।
बुजुर्ग रोगियों के लिए यह सर्जरी बहुत ही कारगार साबित होती है। एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी सबसे कम जटिल सर्जरी में से एक है।
इस सर्जरी में कम से कम चिरफाड की आवश्यकता पड़ती है.
ओपन सर्जरी के मुकाबले एंडोस्कोपिक सर्जरी अति सुरक्षित तरीका है।
डॉ. ए.के. कौशिक चेयरमैन पॉपुलर ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स ने बताया कि इंडोस्कोप द्वारा स्पाइन की शल्य चिकित्सा एक अत्याधुनिक न्यूनतम-व्यापक रीढ़ की शल्यचिकित्सा प्रणाली है जिसने पीठ और गर्दन के विकारों के उपचार में क्रांति ला दी है। इसमें एक मिलीमीटर लंबी त्वचा के चीरे के माध्यम से छोटे नली का उपयोग किया जाता है, जिसमे देखने के लिए उच्च क्षमता वाला कैमरा (जिसे इंडोस्कोप कहा जाता है) लगा होता है। इसका मतलब है।
• सामान्य एनेस्थेसिया की कोई आवश्यकता नहीं है । रीढ़ हड़ी के रोगग्रस्त भाग के आसपास स्वस्थ ऊतकों की न्यूनतम क्षति,खून का कम से कम नुकसान, रीढ़ की हड्डी के सामान्य गति का संरक्षण, कम समय में ठीक होना
• कम दर्द
. कम दवाएं
कम जटिलताएं
कुल मिलाकर बेहतर नैदानिक परिणामपॉपुलर हॉस्पिटल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. मूलनारायण वर्मा ने बताया कि जिस प्रकार लैप्रोस्कोपी ने
पित्ताशय की पथरी के शल्यक प्रबंधन में क्रांति ला दी है उसी तरह एंडोस्कोपी रीढ़ की हड्डी के विकारों के
प्रबंधन में क्रांति ला रहा है। अनुभवी हाथों द्वारा अधिकांश एंडोस्कोपिक रीढ़ की हड्डी की प्रक्रियाओं को
ओपीडी के आधार पर किया जा सकता है, इसमें एक घंटे से भी कम समय लगता है और रोगी घूम सकता
है खा सकता है और पी सकता है, वॉशरूम का उपयोग कर सकता है, यहां तक कि शल्यचिकित्सा के
कुछ घंटों बाद दैनिक जीवन की दिनचर्या में वापस आ सकता है। इसके अलावा, शल्यक चीरा इतना छोटा होता है कि इसे ढँकने के लिए केवल एक छोटी पट्टी की जरूरत होती है। आम भाषा में, इंडोस्कोप द्वारा स्पाइन की शल्यचिकित्सा नवीनतम तकनीकी के उपयोग को दर्शाती है। और हमारे अस्पताल में स्पाइन की शल्यचिकित्सा का टीम इसका उपयोग उन मरीजों के जीवन में वह स कुछ वापस लाती है जिनका जीवन पीठया गर्दन के दर्द के कारण प्रभावित होता है।
