वाशिगटन : शीर्ष रिपब्लिकन सांसद चक ग्रासली ने भारत में अमेरिका के राजदूत के पद के लिए एरिक गार्सेटी के नामांकन पर लगाई रोक हटा दी है, हालांकि उन्होंने कहा है कि वह सीनेट में उनके नामांकन के खिलाफ मतदान करेंगे। रिपब्लिकन सांसद ग्रासली के कार्यालय में जांचकर्ता इस बात की तफ्तीश कर रहे थे कि गार्सेटी, राजनीतिक सलाहकार रिक जैकब्स के सिटी हॉल में तथा उसके आसपास महिलाओं और पुरुषों के प्रति अनुचित व्यवहार के बारे में क्या जानते थे।

सीनेटर के कार्यालय की ओर से मंगलवार को जारी किए गए एक बयान में कहा गया, ”जांच पूरी होने के बाद, गार्सेटी के नामांकन पर लगाई रोक हटाई जा रही है। हालांकि, जो कुछ भी सामने आया है उसके मद्देनजर ग्रासली ने उनके नामांकन के खिलाफ मतदान करने का फैसला किया है।
अगर सीनेट गार्सेटी (51) के नाम पर मुहर लगा देती है, तो वह केनेथ जस्टर का स्थान लेंगे जो पूर्ववतीã डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के दौरान भारत में अमेरिका के राजदूत थे।

गार्सेटी अभी लॉस एंजिलिस के महापौर हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने पिछले साल जुलाई में भारत में देश के राजदूत के तौर पर गार्सेटी को नामित किया था। आंतरिक जांच के दौरान गार्सेटी के नाम की पुष्टि पर रोक लगा दी गयी थी, जिससे भारत में बेहद अहम अमेरिका का शीर्ष राजनयिक पद खाली है। गार्सेटी 2013 से लॉस एंजिलिस के महापौर हैं और कई बार भारत की यात्रा कर चुके हैं। उन्होंने करीब एक साल तक हिदी और उर्दू भाषा की पढ़ाई भी की है। इस बीच, अमेरिकी सीनेट ने अर्थशास्त्री लिज़ा कुक को फ़ेडरल रिज़र्व के बोर्ड ऑफ गवर्नसã का सदस्य बनाने की मंगलवार को पुष्टि कर दी। 108 साल के इतिहास में बोर्ड में शामिल होने वाली वह पहली अश्वेत महिला हैं।

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