संयुक्त राष्ट्र । संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत लिडा थॉमस-ग्रीनफील्ड ने कहा है कि अगर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद उत्तर कोरिया के खिलाफ प्रतिबंध लगाने के लिए तैयार नहीं होता है, तो अमेरिका को कोई और रास्ता देखना होगा।

उल्लेखनीय है कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन हाल ही में क्षेत्रीय सुरक्षा और व्यापार पर चर्चा करने के लिए दक्षिण कोरिया और जापान के दौरे पर गए थे। जिसके बाद ही उत्तर कोरिया ने जापान सागर की ओर तीन बैलिस्टिक मिसाइलों का प्रक्षेपण किया। इसके मद्देनजर अमेरिका ने गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उत्तर कोरिया के खिलाफ प्रतिबंध में सख्ती लाए जाने को लेकर एक प्रस्ताव की पेशकश की।जहां एक तरफ चीन और रूस ने अमेरिका के इस प्रस्ताव पर अपने वीटो पावर का अधिकार का इस्तेमाल किया, वहीं दूसरी तरफ परिषद ने भी इस पर मुहर लगाने से इंकार कर दिया।

गुरुवार शाम को इस पर बयान देते हुए सुश्री ग्रीनफील्ड ने कहा, ”उत्तर कोरिया के द्बारा निरंतर किए जा रहे बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षणों के खिलाफ हम चाहेंगे कि सुरक्षा परिषद में शामिल सभी देश एकजुट होकर अपनी आवाज उठाएं और अगर इसमें कोई हमारे साथ खड़ा नहीं होता है, तो हम अपने करीबी सहयोगियों के साथ कुछ और ठोस कदम उठाने के बारे में विचार करेंगे, जिनमें उत्तर कोरिया के खिलाफ कई तरह के प्रतिबंध भी शामिल हो सकते हैं।

सुश्री ग्रीनफील्ड ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका अपने और अपने मित्र देशों के हित में कार्रवाई करने से कभी नहीं हिचकिचाएगा।अमेरिका के इस प्रस्ताव पर वीटो लगाने को लेकर चीन और रूस ने तर्क दिया है कि इन उपायों से किसी भी समस्या का समाधान नहीं होगा तथा स्थिति और खराब होगी।

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