श्री काशी नाटकोंट्टई नगर क्षतरम् मैंनेजिंग सोसाइटी के संयोजन में तीन दिवसीय महारुद्र यज्ञ तीसरा दिन ||

लंदन में बन रहे श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के लिए नर्मदेश्वर शिवलिंग की की गई प्राण प्रतिष्ठा ||

विश्व कल्याण के लिए श्री सूक्त के मंत्रों के एक लाख आठ आहुतियों के साथ हुई पूर्णाहुति ||

शिक्रा अन्ना मलईयार नंदवनम् परिसर से श्रद्धालुओं ने निकाली भव्य कलश शोभायात्रा ||

वाराणसी :- वसुधैव कुटुम्बकम की भावना विश्व कल्याण की कामना के साथ श्री काशी नाटकोंट्टई नगर क्षतरम् मैंनेजिंग सोसाइटी के संयोजन में सिगरा स्थित शिक्रा अन्ना मलईयार नंदवनम् परिसर में चल रहा तीन दिवसीय महारुद्र यज्ञ एक लाख आठ आहुतियों की पूर्णाहुतियों के साथ रविवार को सम्पन्न हो गया। जिसे पिल्लयार पट्टी, तमिलनाडु स्थित परपग विनायक मंदिर के मुख्य पुजारी शिवाचार्य शिवश्री डॉ पिच्चई कूड़कर के आचार्यत्व में दक्षिण भारत से आये 108 वैदिकों के द्वारा सम्पन्न किया गया।

श्री काशी नाटकोट्टई नगर क्षतरम मैंनेजिंग सोसाइटी परिवार के सदस्यों द्वारा लंदन में बनाए जा रहे हैं श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के लिए डॉ एस देवकोट्टई रामनाथन द्वारा नर्मदा नदी मे स्वनिर्मित 25 किलो वजन का नर्मदेश्वर शिव लिन्ग प्रदान किया गया है. जिसकी प्राण प्रतिष्ठा यज्ञ मंडप परिसर में ही 108 वैदिकॊ द्वारा की गई है जिसे फ्लाइट द्वारा लंदन भेजा जा रहा है
दिन के प्रथम सत्र में यज्ञशाला में वैदिकों के द्वारा श्री सूक्त के मंत्रों के एक लाख आठ आहुतियों को पूर्ण कर पूर्णाहुति की गई। जिसके बाद अन्तिम सत्र में यज्ञशाला मंडप परिसर में 1008 कलशां में गंगा, यमुना, नर्मदा, गोदावरी सहित कई नदियों के रखे गये पवित्र एवं यज्ञ से अभिमन्त्रित जल के साथ दक्षिण भारत के विभिन्न शहरों से आए श्रद्धालुओं ने भव्य कलश यात्रा निकाली। इसी के साथ श्री बाबा काशी विश्वनाथ को शयन के लिए अर्पित होने वाले रजत शैय्या जिसे श्री काशी नाटकोंट्टई नगर क्षतरम् मैंनेजिंग सोसाइटी के सदस्य एएन सुब्बैह द्वारा प्रदान किया गया है, सोसाइटी के सदस्य लेकर चल रहे थे।

श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचकर सोसाइटी के सदस्यों ने रजत शैय्या को अर्पित किया और पवित्र एवं यज्ञ से अभिमन्त्रित 1008 कलश जल से बाबा श्री काशी विश्वनाथ का जलाभिषेक कर विश्व कल्याण की कामना की ||

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *