इंटरनेट डेस्क। अमेरिका-ईरान तनाव थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक बाद फिर से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने अब ईरान से जुड़े 5 तेल टैंकरों पर हमला किया। ईरान ने भी इसका करार जवाब देते हुए जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकाने की ओर 20 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं हैं।
वहीं जॉर्डन की सेना की ओर से उसके एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा 18 मिसाइलों को मार गिराने का दावा किया है। वहीं दो मिसाइलें आबादी से दूर इलाकों में गिरीं।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड की ओर से इस संबंध में बयान आया है। कमांड ने कहा कि ईरान ने पिछले दो दिनों में अमेरिकी नौसेना के एक युद्धपोत को दो बार बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाने का प्रयास किया था। इसके जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के रेवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) से जुड़े तेल टैंकरों पर हमला किया गया। अमेरिका की ओर से जिन पांच टैंकरों पर हमला किए जाने का दावा किया गया है, वे अरबों डॉलर के एक शैडो नेटवर्क का हिस्सा थे। यह नेटवर्क ईरान के रेवोल्यूशनरी गार्ड्स और उसके सहयोगियों के लिए फंड जुटाता है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने ईरान को खुले तौर पर दी ये चेतावनी
वहीं सेंटकॉम ने जानकारी दी कि ईरान ने अमेरिकी नौसेना के एक युद्धपोत को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाने का प्रयास किया था। हालांकि अमेरिकी युद्धपोत ने मिसाइल हमले को नाकाम कर दिया। इस घटना में किसी अमेरिकी सैनिक को नुकसान नहीं हुआ। खबरों के अनुसार, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने ईरान को खुले तौर पर चेतावनी देते हुए बोल दिया कि अमेरिकी नौसैनिक जहाजों पर हमले की कोशिश का जवाब दिया जाएगा।
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