सियोल : पूर्वी यूक्रेन के दोनेत्स्क क्षेत्र में रूस समर्थित एक अलगाववादी नेता डेनिस पुशलिन ने उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन को एक संदेश भेजकर उनसे बहाली परियोजनाओं के लिए श्रमिकों को भेजने का अनुरोध किया है। दरअसल, उत्तर कोरिया ने ऐसे संकेत दिए हैं कि वह यूक्रेन में रूस के कब्जे वाले क्षेत्रों में बहाली परियोजनाओं के लिए श्रमिकों को भेजने पर विचार कर रहा है।

उत्तर कोरिया पिछले महीने दुनिया के उन चुनिदा देशों में से एक बन गया, जिन्होंने दोनेत्स्क तथा लुहांस्क की आजादी को मान्यता दे दी है। इसके कारण यूक्रेन ने उत्तर कोरिया के साथ अपने कूटनीतिक संबंध खत्म कर लिए हैं। ऐसे संकेत मिले हैं कि उत्तर कोरिया इन क्षेत्रों में बहाली परियोजनाओं के लिए श्रमिकों को भेजने की योजनाओं की समीक्षा कर रहा है। इससे उसकी अर्थव्यवस्था को मदद मिल सकती है लेकिन यह उसके परमाणु हथियारों तथा बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्बारा लगाए गए प्रतिबंधों के खिलाफ है।

उत्तर कोरिया की आधिकारिक ‘कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी ने बुधवार को बताया कि दोनेत्स्क के अलगाववादी नेता डेनिस पुशलिन ने सोमवार को उम्मीद जतायी कि उत्तर कोरिया को अपने लोगों के ”हितों को देखते हुए परस्पर लाभकारी द्बिपक्षीय सहयोग मिल सकता है। दोनेत्स्क के विदेश मंत्रालय ने कहा कि रूस में उसके राजदूत ओल्गा मकीवा ने आर्थिक सहयोग पर चर्चा करने के लिए 29 जुलाई को मॉस्को में उत्तर कोरिया के राजदूत सिन होंग चोल से मुलाकात की थी। मंत्रालय के अनुसार, सिन ने तब कहा था कि व्यापार और ”मजदूरों के प्रवास के क्षेत्र में द्बिपक्षीय सहयोग की ”असीम संभावनाएं होंगी।

ऐसी जानकारी है कि उत्तर कोरिया ने लुहांस्क के नेताओं के साथ भी ऐसी ही बातचीत की है। अमेरिका के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने पिछले महीने रूस के उन सुझावों की आलोचना की थी कि उत्तर कोरियाई कामगारों को यूक्रेन में रूस के कब्जे वाले क्षेत्रों में बहाली परियोजनाओं के लिए काम पर रखा जा सकता है। प्राइस ने कहा था कि ऐसा कदम ”यूक्रेन की संप्रभुत्ता का अपमान होगा।

पुशलिन ने किम को द्बितीय विश्व युद्ध की समाप्ति पर कोरियाई प्रायद्बीप की जापानी औपनिवेशिक शासन से आजादी की वर्षगांठ पर 15 अगस्त को संदेश भेजा। उन्होंने किम को वर्षगांठ की बधाई दी और कहा कि ”डोनबास क्षेत्र के लोग भी आज अपनी आजादी और न्याय हासिल करने के लिए लड़ रहे हैं जैसे कि कोरियाई लोगों ने 77 साल पहले लड़ाई लड़ी थी। अभी यह पता नहीं चला है कि किम ने भी पुशलिन के संदेश का जवाब दिया है या नहीं।

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