कराची (पाकिस्तान) : सिंधपुलिस के आतंकवाद रोधी विभाग द्बारा ढेर किए गए दो आतंकवादियों का संबंध प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट ख़ोरासान समूह से थे और इन दोनों आतंकवादियों ने शहर में एक बड़े धार्मिक जुलूस के दौरान आत्मघाती हमला करने की योजना बनाई थी। पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) आसिफ एज़ाज शेख ने पत्रकारों को बताया कि शनिवार रात उन्होंने शहर के बाहरी इलाके में एक मुठभेड़ में दो आतंकवादियों को मार गिराया। मुठभेड़ में चार पुलिस अधिकारी भी घायल हो गए थे।

शेख ने बताया कि बलूचिस्तान आतंकवादी रोधी विभाग और खुफिया एजेंसी के साथ संपर्क करने के बाद इस बात की पुष्टि हुई कि मारे गए दोनों इस्लामिक स्टेट ख़ोरासान के वांछित आतंकवादी सैयद ऐमल खान उर्फ ​​हमजा और अब्दुल्ला उर्फ ममूम थे। हमजा पिशीन और ममूम क्वेटा का निवासी था। दोनों बलूचिस्तान में कई बड़े आतंकवादी कृत्यों में शामिल थे। उन्होंने बताया कि ये आतंकवादी 12वें रबी उल अव्वल जुलूस पर आत्मघाती हमले की योजना बना रहे थे, जो सात या अक्टूबर आठ को निकाला जाना था। मुसलमान पैगंबर के जन्म का जश्न मनाने के लिए यह जुलूस निकालते हैं।

शेख ने बताया कि दोनों आतंकवादी अप्रैल 2021 में क्वेटा के सेरेना होटल की पाîकग में किए गए आत्मघाती हमले के मुख्य साजिशकर्ता भी थे। इस घटना में पांच लोग मारे गए थे। उन्होंने कहा, ” वे बलूचिस्तान में आतंकवाद रोधी विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी की हत्या में भी शामिल थे।शेख ने बताया कि इन आतंकवादियों की मौजूदगी से पता चलता है कि उन्हें शहर में आसानी से पनाह मिल गई थी और वे पाकिस्तान तहरीक-ए-तालिबान या आईएस से जुड़े थे।

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