इंटरनेट डेस्क। भारत के साथ हमेशा दुश्मनी रखने वाला पाकिस्तान अब पानी के लिए गिड़गिड़ा रहा है। सिंधु जल संधि पर भारत की सख्ती के बाद पाकिस्तान ने अब एससीओ समिट के मंच का सहारा लिया है। आतंकवाद को लेकर चुप रहने वाले शहबाज शरीफ को जब लगा कि पाकिस्तान में पानी का संकट छा सकता है तो उन्होंने किर्गिस्तान में एससीओ के मंच से इस मुद्दे को उठाया। शहबाज ने पानी को क्षेत्र की जीवनरेखा बताया। पाकिस्तानी पीएम ने कहा कि पानी हमारे क्षेत्र की जीवन-रेखा है और इसका इस्तेमाल कभी भी हथियार के तौर पर नहीं किया जाना चाहिए।
आतंकवाद पर क्या बोले
शहबाज शरीफ ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि उन्होंने एससीओ समिट में सिंधु जल संधि का मुद्दा उठाया, हर मोड़ पर आतंकवाद का साथ देने वाले पाकिस्तान सरकार की बोली मंच पर अचानक बदल गई। बलूचिस्तान और पीओके में पाक आर्मी सरेआम लोगों पर गोली और बारूद बरसा रही है। दूसरी ओर शहबाज शरीफ दुनिया के पावरफुल मंच पर कहते हैं कि आतंकवाद के हर रूप की निंदा की जानी चाहिए, लेकिन वो खुद अपनी सेना को रोकने की हिम्मत नहीं दिखा पाते हैं।
पानी हमारे क्षेत्र की जीवन-रेखा
पाकिस्तानी पीएम ने भारत का नाम लिए बिना सिंधु जल संधि का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा, पानी हमारे क्षेत्र की जीवन-रेखा है। इसका इस्तेमाल कभी भी हथियार के तौर पर नहीं किया जाना चाहिए। साझा समझौते के तहत इसका सम्मान किया जाना चाहिए, शहबाज शरीफ का ये बयान ऐसे समय में आया है जब एक दिन पहले 31 अगस्त 2026 को भारत ने एक बार फिर आईडब्ल्यूटी यानी सिंधु जल संधि को लेकर तथाकथित कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन (सीओए) के फैसले को पूरी तरह खारिज कर दिया।
pc- etv bharat
