इंटरनेट डेस्क। नेपाल में अचानक आई भीषण जलप्रलय के कारण मरने वालों की संख्या सोमवार को बढ़कर 950 हो गई जबकि करीब 4,000 लोग अब भी लापता हैं। नदियों के किनारे अब एक साथ कई लाशें मिल रही हैं। ये शव अब सड़ने की स्थिति में हैं। ऐसे में महामारी का भी खतरा मंडरा रहा है। बताया जा रहा हैं की सर्च अभियान के दौरान एक ही घर से 24 शव बरामद हुए है।
दफनाया जा रहा शवों को
मीडिया रिपोटर्स की माने तो शवों को बड़े गड्ढे खोदकर दफानाया जा रहा है। हालांकि प्रशासन ने बताया है कि दफनाने से पहले उनका डीएनए सैंपल लिया जा रहा है। ताकि अगर संभव हो तो परिजनों को इसकी सूचना दे दी जाए। प्रशासन ने लोगों को सावधान किया है कि वे नदियों का पानी ना पिएं और ना ही बाढ़ प्रभावित इलाकों की खाने-पीने वाली चीजों का इस्तेमाल करें। प्रशासन का कहना है कि गंभीर बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है जो कि महामारी का रूप ले सकती है। इसलिए शवों को जल्दी दफनाना जरूरी है।
ग्लेशियर टूटने से आई आपदा
बता दें कि नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के टूटने के कारण 26 अगस्त को आई बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कस्बों और गांवों को तबाह कर दिया था। हिमालयी सीमा क्षेत्र से दक्षिण की ओर बहने वाली भोटेकोशी नदी बाढ़ के पानी को अपने साथ नीचे की ओर ले गई, जिससे घर, वाहन, सड़कें और पुल बह गए तथा जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा।
pc- navjeevan
