मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में आयोजित हुई मीडिया ब्रीफिंग, दी विस्तृत जानकारी
वाराणसी, 03 अक्टूबर 2023 – वाराणसी जनपद पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रमुख जनपदों में सम्मिलित है तथा आसपास के अनेक जनपदों में विभिन्न रोगों के रोगी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता की वजह से वाराणसी नगर के विभिन्न चिकित्सालयों में उपचार के लिए नियमित रूप से आते हैं। वाराणसी जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता एवं गुणवत्ता, औषधियों एवं शैयाओं की उपलब्धता इत्यादि की स्थिति की निरंतर उच्च स्तरीय निगरानी की जाती है।
राज्य स्तर पर प्राप्त विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स तथा उच्च स्तर से प्राप्त निर्देशों के क्रम में एक राज्य स्तरीय तीन सदस्यीय दल ने दो व तीन अक्टूबर को जनपद के विभिन्न चिकित्सालयों में बुखार के रोगियों की स्थिति का आकलन करने के लिए भेजा गया। दल में डॉ के एन तिवारी, निदेशक (संचारी रोग), डॉ विकासेंदु अग्रवाल, राज्य सर्विलांस अधिकारी तथा डॉ पंकज गुप्ता, फिजीशियन, लोकबंधु राजबंधु चिकित्सालय, लखनऊ सम्मिलित रहे। दल के सदस्यों के द्वारा दो अक्टूबर को देर रात तक पंडित दीनदयाल उपाध्याय चिकित्सालय तथा तीन अक्टूबर को लाल बहादुर शास्त्री संयुक्त चिकित्सालय, रामनगर एवं श्री शिव प्रसाद गुप्त मंडलीय चिकित्सालय, कबीरचौरा का भ्रमण कर वार्ड में भर्ती मरीजों की स्थिति की जानकारी प्राप्त की गई, साथ ही उपलब्ध जांच एवं उपचार सुविधाओं की गहनतापूर्वक समीक्षा की गई।
विस्तृत जानकारियों के संबंध में मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में मीडिया ब्रीफिंग में आयोजित की गई। इस दौरान डॉ केएन तिवारी व डॉ विकासेंदु अग्रवाल ने अपर निदेशक (स्वास्थ्य) डॉ मंजुला सिंह, सीएमओ डॉ संदीप चौधरी की उपस्थिति में मीडिया को जानकारी दी। इस मौके पर संयुक्त निदेशक डॉ जीसी द्विवेदी, जनपदीय नोडल अधिकारी डॉ एसएस कनौजिया, जिला मलेरिया अधिकारी शरद चंद पाण्डेय, डीएचईआईओ हरिवंश यादव, बायोलॉजिस्ट डॉ अमित कुमार सिंह, सहायक मलेरिया अधिकारी केके राय, डॉ शिशिर एवं अन्य अधिकारी व मीडिया बंधु उपस्थित रहे।
बताया कि डीडीयू अस्पताल में 250 बेड उपलब्ध हैं तथा 50 अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की जा सकती है। भ्रमण के समय चिकित्सालय में कुल 229 मरीज भर्ती थे जिनमें से 176 रोगी बुखार तथा अन्य ज्वर संबंधी कारणों से भर्ती थे जिनमें से 12 रोगी डेंगू धनात्मक थे। सभी भर्ती रोगी पूर्णत: स्टेबल थे तथा उनका उचित उपचार चिकित्सालय में किया जा रहा था। चिकित्सालय में डेंगू तथा अन्य रोगों की जांच हेतु आवश्यक सुविधाए उपलब्ध है एवं औषधि तथा आई० वी० फ़्ल्यूड्स (निर्जलीकरण को रोकने या उसका इलाज करने के लिए) भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। चिकित्सालय में उच्चतर जाँच के लिए एलाइजा रीडर भी क्रियाशील है।
एलबीएस अस्पताल में 153 बेड उपलब्ध हैं तथा 20 अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की जा सकती है। भ्रमण के समय चिकित्सालय में कुल 115 मरीज भर्ती थे जिनमें से 31 रोगी बुखार तथा अन्य उबर संबंधी कारणों से भर्ती थे जिनमें से 8 रोगी डेंगू धनात्मक थे। सभी भर्ती रोगी पूर्णतः स्टेबल थे तथा उनका उचित उपचार चिकित्सालय में किया जा रहा था। चिकित्सालय में डेंगू तथा मलेरिया रोगों की त्वरित जांच हेतु आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं एवं औषधि तथा आई वी फ्लूड्स भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।
एसएसपीजी मंडलीय चिकित्सालय में 316 बेडस उपलब्ध है तथा 40 अतिरिक्त बेडस की व्यवस्था की जा सकती है। भ्रमण के समय चिकित्सालय में कुल 254 मरीज भर्ती थे जिनमें से 102 रोगी बुखार तथा अन्य ज्वर संबंधी कारणों से भर्ती थे जिनमें से 13 रोगी डेंगू धनात्मक थे। सभी भर्ती रोगी पूर्णतः स्टेबल थे तथा उनका उचित उपचार चिकित्सालय में किया जा रहा था। चिकित्सालय में डेंगू तथा मलेरिया रोगों की त्वरित जांच के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं एवं औषधि तथा आई वी फ्लूड्स भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। चिकित्सालय में उच्चतर जांच के लिए एलाइजा रीडर भी इंस्टॉल कर दिया गया है जिस पर जाँच के लिए किट्स क्रय की जा रही हैं।
अन्य तथ्य –
• सभी चिकित्सालयों मे रोगियों के उपचार हेतु अनेक प्रकार के नवाचार भी किए जा रहे हैं यथा ई0सी0जी0 सुविधा की उपलब्धता, 24 घंटे पेथोलॉजी जाँच सुविधा की उपलब्धता, रोगियों को लैब मित्र एप्लीकेशन के माध्यम से समस्त स्तर के चिकित्सालयों- ग्रामीण एवं नगरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जनपद एवं मण्डल स्तरीय चिकित्सालय से पेथोलॉजी जांच की रिपोर्ट एसएमएस के माध्यम से उपलब्ध कराना इत्यादि ।
• भ्रमण किए गए तीनों चिकित्सालयों में इमरजेन्सी तथा अनेक आई0पी0डी0 वार्ड्स में वातानुकूलन की व्यवस्था भी की गई है।
• विभिन्न नवाचारों सुविधाओं की उपलब्धता एवं उपचार की गुणवत्ता में सुधार के कारण विभिन्न स्तर के चिकित्सालयों में भर्ती रोगियों की संख्या में वृद्धि हुई है।
राज्य स्तरीय दल की अनुशंसा –
• समस्त चिकित्सालयों में भर्ती रोगियों की स्थिति का आकलन करने पर पाया गया कि अनेक रोगी पूर्णतया स्वस्थ तथा चलने फिरने में सक्षम थे, उनको बुखार भी नहीं था। ये रोगी केवल प्लेटलेट्स की कमी के भय के कारण चिकित्सालय में भर्ती थे। सभी चिकित्सालयों में मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों को निर्देशित किया गया कि इस प्रकार के रोगियों की उचित काउंसलिंग एवं परामर्श के उपरांत छुट्टी की जा सकती है।
• साथ ही यह भी निर्देशित किया गया कि चिकित्सालयों में विभिन्न स्थानों पर मरीजों को डेंगू तथा अन्य वायरल रोगों के विषय में तथ्यपरक जानकारी उपलब्ध करने हेतु प्रचार-प्रचार सामग्री प्रदर्शित की जाए ताकि वे अनावश्यक भयभीत ना हो।
• सभी चिकित्सालयों में यह भी निर्देशित किया गया कि ओ०पी०डी० आई०पी०डी० एवं इमरजेन्सी ब्लॉक्स में डेंगू तथा अन्य वायरल रोगों हेतु रोगियों को भर्ती तथा डिस्चार्ज किए जाने के प्रोटोकॉल्स का प्रदर्शन सुनिश्चित किया जाए।
• मुख्य चिकित्सा अधिकारी, वाराणसी को निर्देशित किया गया कि ज्वर रोगियों की संख्या में कमी आने तक वे नगरीय स्वास्थ्य केंद्रों से तीनों जपदीय चिकित्सालयों हेतु 2-2 अतिरिक्त स्टाफ नर्स उपलब्ध कराएं। साथ ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी, वाराणसी को यह भी निर्देशित किया गया कि एलिसा जाँच हेतु स्क्रब टायफस, लेप्टोस्पायरोसिस, चिकनगुनिया इत्यादि जाँच किट्स भी श्री शिव प्रसाद गुप्त मंडलीय चिकित्सालय, कबीर चौरा एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय जिला चिकित्सालय, पाण्डेयपुर पर उपलब्ध कराई जायें।
