:मोदी और योगी को सद्बुद्धि देने की करी कामना:
पृथक पूर्वांचल राज्य की मांग हेतु विगत 8 वर्षों से संघर्षरत पूर्वांचल राज्य जनान्दोलन ने यूपी चुनाव के बाद मंगलवार 12 अप्रैल से अपने आंदोलन के द्वितीय चरण की शुरुआत करते हुए बाबा विश्वनाथ का सामूहिक जलाभिषेक किया। पूर्वांचल राज्य जनान्दोलन के आह्वाहन पर वाराणसी तथा आसपास के जिलों से पूर्वांचल राज्य के 200 से ज्यादा समर्थक प्रातः काल ललिता घाट पर एकत्र हुए जहां से सभी ने पंक्ति बद्ध होकर बाबा विश्वनाथ के जयकारे लगाते मंदिर के गर्भ गृह में जाकर मनोकामना पूर्ति हेतु शास्त्रीय मंत्रोच्चार के बीच बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया। पीले रंग के परम्परागत भारतीय परिधानों में सजी पूर्वांचल राज्य समर्थक महिलाओं ने जलाभिषेक कार्यक्रम को आकर्षक बनाया वहीं जलाभिषेक में शामिल समस्त महिलाओं और पुरुषों ने बाबा हम आये हैं पूर्वांचल राज्य मांगने के नारे पूरे जोश के साथ लगाए। प्रेस को इस संबंध में जानकारी देते हुए पीआरजे के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुज राही हिंदुस्तानी ने कहा कि हमारा एकमात्र लक्ष्य पूर्वांचल के व्यापक आर्थिक एवम सामाजिक विकास हेतु पृथक पूर्वांचल राज्य गठन के उद्देश्य को प्राप्त करना है जिससे पूर्वांचल के करोड़ों युवाओं को रोजी रोजगार के लिए दर दर भटकना न पड़े, उन्होंने बताया कि 2013 में शुरू हुए आंदोलन ने रणनीतिक ढंग से केंद्र सरकार पर राज्य गठन हेतु दबाव बनाना शुरू किया, हमने 2022 विधानसभा चुनावों से पूर्व राज्य गठन को अपना लक्ष्य बना रखा था लेकिन इस सम्बन्ध में पूर्वांचल को बार बार धोखा ही मिला है अतः हमने नए सिरे से आंदोलन के द्वितीय चरण की शुरुआत आज बाबा के जलाभिषेक से की है, उन्होंने कहा कि हमें अभी भी पूर्ण विश्वास नरेंद्र मोदी की सरकार पर है जिसने बाबा विश्वनाथ धाम का कायाकल्प किया वही सरकार पूर्वांचल राज्य गठित कर पूर्वांचल के कायाकल्प का भी मार्ग खोल सकती है। हमारी बाबा विश्वनाथ से यही कामना है कि वो मोदी और योगी को सद्बुद्धि दें।
संगठन की मुख्य राष्ट्रीय महासचिव वन्दना रघुवंशी ने कहा कि यूं तो पूर्वांचल की 90% से अधिक जनता का ये विश्वास है कि पृथक राज्य गठन के बिना पूर्वांचल का समग्र विकास सम्भव नहीं लेकिन आम जनमानस द्वारा नित्य प्रति की दिनचर्या से समय निकाल एक आंदोलन में भागीदारी आसान नहीं होती ऐसे में आंदोलन के द्वितीय चरण में हमारा पूरा जोर जनभागीदारी बढ़ाने पर रहेगा। उन्होंने कहा की सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से न तो गरीबी दूर हो सकती है न रोजगार पैदा हो सकते हैं, पूर्वांचल को उसके समग्र आर्थिक विकास की जरूरत है जो पृथक राज्य में ही सम्भव है।
संगठन के वरिष्ठ राष्ट्रीय महासचिव संगठन राजेश पांडेय विजेता ने कहा कि पूर्वांचल में एक वृहद आत्म निर्भर अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित होने की पूर्ण संभावना है जिससे पूर्वांचल के अधिकांश युवाओं को पूर्वांचल में ही रोजगार मिल सकता है लेकिन विडम्बना है कि हम अपनी छोटी छोटी जरूरतों के लिए अन्य राज्यों पर निर्भर हैं जिससे पूर्वांचल में रोजगार के अवसर लगभग शून्य हैं, इसका समाधान पृथक राज्य गठन से ही सम्भव है।
संगठन की प्रवक्ता यामिनी शर्मा ने कहा कि काशी न केवल पूर्वांचल का सर्व प्रमुख नगर है बल्कि 100 करोड़ हिंदुओं की आस्था का वैश्विक केंद्र है जिसका जिस तरह सुनियोजित विकास होना चाहिए था पूर्वांचल की उपेक्षा के चलते नहीं हो पाया, वर्तमान सरकार ने इस सम्बंध में गंभीर प्रयास किये हैं लेकिन इन प्रयासों को स्थायित्व और मजबूती पृथक राज्य गठन से ही सम्भव है वरना हो सकता है कि लखनऊ की गद्दी पर फिर कल कोई ऐसी सरकार बैठ जाये जिसके लिए पूर्वांचल प्राथमिकता में न हो अतः हमने पृथक राज्य गठन की कमर कस ली है।
जलाभिषेक कार्यक्रम के संयोजन में लगी प्रीति जायसवाल, मधु श्रीवास्तव, रेणुका सिंह और भावना विश्वास ने कहा कि बाबा विश्वनाथ हमारे लिए शक्ति पुंज हैं हमें पूर्ण विश्वास है कि वो हमारी मनोकामना अवश्य पूर्ण करेंगे। जलाभिषेक में मुख्य रूप से …. शामिल रहे ।।

वाराणसी से रोहित सेठ की रिपोर्ट

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