कल श्री विद्यामठ में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने द्वारा अपने प्रार्थना-पत्र के माध्यम से श्रृंगारगौरी प्रकरण वाद कमीशन दौरान भगवान् श्री आदि विश्वेश्वर शिवलिंग का धार्मिक और शास्त्रीय मान्यताओं के अनुसार सनातनी हिन्दू पद्धति के अनुसार पूजन-अर्चन – राग-भोग अविछिन्न रूप से सतत् होते रहने का उल्लेख करते हुए 04 जून को समय सुबह 09.00 बजे से उनकी नियमित व नित्य पूजा-अर्चना एवं राग-भोग की अनुमति प्रदान किये जाने का अनुरोध किया था ।
जिसके संबंध में परिस्थितियों को देखते हुए शांति/कानून व्यवस्था के दृष्टिकोण से प्रार्थना पत्र को निस्तारित करते हुए उस स्थल पर पूजन-अर्चन किये जाने की अनुमति प्रदान नहीं की गयी और इसके लिए पुलिस उपायुक्त काशी जोन द्वारा स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को संसूचित करा दिया गया है।
पुलिस उपायुक्त कार्यालय काशी जोन ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस बात की सूचना दी है। विज्ञप्ति में यह भी जारी किया गया है कि इसके बावजूद भी यदि कोई कानून का उल्लंघन एवं शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिश करता है, तो उसके विरूद्ध कठोरतम विधिक कार्यवाही अमल में लायी जाएगी।
बताते चलें कि इस विज्ञप्ति में यह भी बताया गया है कि इस संबंध में विभिन्न स्रोतों से जानकारी की गयी एवं संबंधित से आख्या प्राप्त की गयी तथा अभिलेखों का अवलोकन किया गया, जिससे विदित हुआ कि आवेदक द्वारा जिस स्थल पर नियमित/नित्य पूजा अर्चना एवं राग-भोग किये जाने की अनुमति मांगी जा रही है। उस परिसर / स्थल के संबंध में मा0 सर्वाेच्च न्यायालय, मा० उच्च न्यायालय, मा जनपदीय न्यायालय, मा० सिविल सीनियर डिविजन के यहाँ वाद विचाराधीन है तथा उक्त स्थल माननीय न्यायालय के आदेश से सील किया गया है तथा सीआरपीएफ की सुरक्षा घेरे में है।
