वाशिगटन : अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिजो आबे की हत्या के बाद प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा के साथ टेलीफोन पर बातचीत की। व्हाइट हाउस ने बताया कि दोनों नेताओं ने इस पर चर्चा कि शांति एवं लोकतंत्र की रक्षा के महत्वपूर्ण कार्य को जारी रखते हुए शिजो आबे की विरासत कैसे आगे बढ़ेगी। बातचीत के दौरान बाइडन ने जापान के पूर्व नेता की हत्या पर रोष, दुख और गहन संवेदनाएं व्यक्त की।
गौरतलब है कि 67 वर्षीय आबे की पश्चिम जापान के नारा में एक चुनावी भाषण देते हुए गोली मारकर हत्या कर दी गयी। पुलिस ने नारा के रहने वाले 40 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने कहा कि आरोपी ने जिस बंदूक का इस्तेमाल किया उसे उसने घर पर ही बनाया था। इस घटना ने जापान को हिलाकर रख दिया है, जहां बंदूक नियंत्रण को लेकर कड़े कानून लागू हैं। व्हाइट हाउस ने शुक्रवार को बातचीत की जानकारी देते हुए कहा, ”राष्ट्रपति ने कहा कि वह और अमेरिकी लोग दुख की इस घड़ी में जापान के प्रधानमंत्री और देश के लोगों के साथ खड़े हैं। इसमें कहा गया है, ”राष्ट्रपति ने खुले एवं मुक्त हिद-प्रशांत और जापान, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया तथा भारत की क्वाड बैठकों को शुरू करने की दूरदृष्टि के साथ आबे की स्थायी विरासत महत्ता पर जोर दिया। चीन के बढ़ते प्रभाव और सैन्य बढ़त से निपटने के मकसद से अमेरिका, भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया के क्वाड समूह के गठन में आबे की महत्वपूर्ण भूमिका थी।

व्हाइट हाउस ने कहा, ”राष्ट्रपति ने जापान के लोकतंत्र की ताकत में हमारे अटूट विश्वास पर जोर दिया और दोनों नेताओं ने इस पर चर्चा की कि शांति एवं लोकतंत्र की रक्षा के महत्वपूर्ण कार्य को जारी रखते हुए शिजो आबे की विरासत कैसे अमर रहेगी। अमेरिका में गोलीबारी की घटनाओं से जूझ रहे राष्ट्रपति बाइडन ने यह भी कहा, ”बंदूक से होने वाली हिसा इससे प्रभावित समुदायों पर हमेशा गहरे निशान छोड़ती है। उन्होंने कहा कि हमले के बारे में कई जानकारियों का अभी पता नहीं चला है लेकिन ”हम जानते हैं कि हिसक हमले कभी स्वीकार्य नहीं है और बंदूक हिसा इससे प्रभावित समुदायों पर हमेशा गहरा निशान छोड़ती है।

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