जनपद की 3609 आंगनबाड़ी केंद्रों पर लगी पाठशाला, 50 हजार लाभार्थी जुड़े

विशेषज्ञों ने दी स्तनपान के साथ अर्धठोस ऊपरी आहार की सटीक जानकारी

विभिन्न सूक्ष्म पोषक तत्व समूहों व कुपोषण प्रबंधन के बारे में हुई चर्चा

वाराणसी, 25 अगस्त 2022 – बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से संभव अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य व पोषण शिक्षा पर जन समुदाय को जागरूक करने के लिए गुरुवार को पूर्वाह्न 11 बजे से एक बजे तक वर्चुअल राज्य स्तरीय पोषण पाठशाला आयोजित हुई। इस बार के पोषण पाठशाला में ‘ऊपरी आहार की सही शुरुआत’ के विषय पर विशेषज्ञों ने विस्तार से चर्चा की। राज्य स्तरीय विशेषज्ञ टीम ने लाभार्थियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को जानकारी दी। इसके साथ ही सवालों के जवाब दिए।
गुरुवार को एनआईसी वाराणसी पर आयोजित पोषण पाठशाला वर्चुअली कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ), मुख्य सेविका एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने प्रतिभाग किया। राज्य स्तरीय पोषण पाठशाला में विशेषज्ञ आईआईटी मुंबई से प्रोफेसर डॉ रूपल दलाल, एसजीपीजीआई लखनऊ की वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ पियाली भट्टाचार्य, महाराष्ट्र से पोषण विशेषज्ञ दीपाली फरगड़े और कंसल्टेंट देवाजी पाटिल द्वारा मिली जानकारी जनपद के लिए सहायक सिद्ध होगी जिससे वह अपने अपने क्षेत्र में लाभार्थियों को उपही आहार के संदर्भ में सटीक जानकारी दें पांएगी।
जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) डीके सिंह ने बताया कि जनपद में कार्यरत 3609 आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषण पाठशाला का आयोजन किया गया। इसमें 50,916 लाभार्थियों ने पाठशाला का लाभ उठाया। पाठशाला लाभार्थियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए काफी उपयोगी रही। डॉ रूपल दलाल का सत्र काफी लाभदायक रहा। उनके द्वारा विभिन्न पोषण खाद्य सामाग्री, सूक्ष्म पोषक तत्व समूह और उसके फायदे के बारे में जानकारी दी गयी। पोषण के प्रथम हजार दिन के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। छह माह तक सिर्फ स्तनपान के बाद दो वर्ष तक अर्ध ठोसाहार उचित मात्रा में देने को लेकर ज़ोर दिया। प्रतिदिन के आहार में 40 पोषक तत्वों को शामिल करने के बारे में बताया गया। प्रोटीन, सिस्टीन, सल्फर, मिथियोनीन, मैग्नीशियम, फास्फोरस,पोटेशियम, जिंक, ओमेगा -3, जीवनसत्व अ व आयरन समृद्ध आहार, बीज व अन्य पोषक आहार सहित कुपोषण प्रबंधन के बारे में विस्तार से चर्चा की गई।
डीपीओ ने बताया कि संभव अभियान के अंतर्गत प्रतिमाह वर्चुअल पोषण पाठशाला के द्वारा महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की जा रही है जिससे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर गर्भवती और धात्री महिलाओं को स्तनपान के साथ अर्धठोस ऊपरी आहार के संबंध में जानकारी प्रदान कर सकें। पाठशाला के जरिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पोषण के संदर्भ में विशेषज्ञों द्वारा जानकारी आसानी से मिल जाती है।
लाभार्थियों ने सीखा
1- काशी विद्यापीठ ब्लॉक के मुड़ादेव तृतीय आंगनबाड़ी केंद्र पर पाठशाला से जुड़ी अनीता (26) ने बताया कि उनका बच्चा आठ माह का है छह माह तक स्तनपान के बाद ऊपरी आहार की जानकारी आज उन्हें मिली है ठीक उसी तरह से वह अपने बच्चे का ख्याल रख रही हैं। वह आंगनबाड़ी दीदी पुष्पा की ओर से बताई जा रहीं बातों का भी पूरा ध्यान रखती हैं।
2- लाभार्थी सरिता (23) को पोषण पाठशाला के जरिए पता चला कि छह माह बाद ही ऊपरी आहार शुरू करना है जबकि उन्होंने अपने आठ माह के बच्चे को अभी कुछ दिन पहले से ही ऊपरी आहार देना शुरू किया है। इसकी वजह से उनका बच्चा कमजोर है। सरिता ने कहा कि आज मिली जानकारी से अब वह अपने बच्चे को समय से ऊपरी आहार देंगी और आंगनबाड़ी दीदी की भी सलाह मानेंगी।

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