बताया एंटी रेबीज़ के चारों टीके लगवाना है जरूरी
बच्चों से की अपील – घाव को न छुपाएं, परिजनों को जरूर बताएं
वाराणसी, 28 सितंबर 2022 – विश्व रेबीज़ दिवस पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रचार-प्रसार के लिए जन जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संदीप चौधरी ने बताया कि बुधवार को सीएमओ कार्यालय सहित ग्रामीण व नगरीय क्षेत्र के प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं प्राथमिक विद्यालयों में गोष्ठी के माध्यम से लोगों को जानवरों के काटने से बचाव व रोकथाम के बारे में बताया गया।
आदर्श ब्लॉक सेवापुरी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सहित सीएचसी हाथी बाजार व अन्य स्वास्थ्य केन्द्रों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुये। इस मौके पर सेवापुरी पीएचसी के डॉक्टर गुलरेज आलम खान ने बताया कि रेबीज़, एक जानलेवा बीमारी है जोकि कुत्ते, बिल्ली, बंदर, छछूंदर, चूहों आदि जानवरों के काटने या खरोंचने के कारण होता है। काटने के बाद इसके लक्षण एक से तीन महीने में दिखाई देते हैं। अगर इसको शुरुआत में रोका न गया तो यह बेहद गंभीर साबित हो सकता है। उन्होने कहा कि जानवरों के काटने को तीन भागों में बांटा गया है। पहला जानवर का चाटना जो सामान्य है। दूसरा खरोंचना या पूर्व के घाव को चाटना और तीसरा दाँत गड़ाकर काटना। इस गंभीर स्थिति में 24 घंटे के अंदर पहला इंजेक्शन लगवाना चाहिए। इसके बाद तीसरे, सातवें और 28वें दिन भी टीकाकरण अनिवार्य रूप से करवाना चाहिए। जानवरों की लार से पनपे विषाणु से बचने के लिए यह चारों टीके (एंटी रेबीज़ टीकाकरण कोर्स) समय से लगवाना बेहद जरूरी है। सेवापुरी की आरबीएसके टीम द्वारा प्राथमिक विद्यालयों में भी जागरुकता कार्यक्रम किए गए। इस मौके पर डॉ अनिल पाल, डॉ देवेंद्र, फार्मासिस्ट सत्येन्द्र यादव, आनंद सिंह, एचईओ वीरेंद्र चौहान व अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद थे।
दूसरी ओर पिंडरा पीएचसी पर प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ संतोष सिंह ने जनमानस को जागरूक किया। इसके साथ ही आरबीएसके टीम द्वारा क्षेत्रीय स्कूलों में बच्चों को बताया कि कुत्ते, बिल्ली, बंदर आदि के काटने या खरोंचने वाले घाव को बिल्कुल भी न छुपाएँ । तुरंत अपने अभिभावकों को इसके बारे में बताएं और जल्द से जल्द उपचार कराएं। एंटी रेबीज़ टीकाकरण के सभी टीके समय से लगवाएँ। उन्होने बच्चों से अपील की कि यदि आपके आस पड़ोस में किसी को कुत्ता, बंदर काट ले तो उसकी सहायता करें और उसे उपचार व सम्पूर्ण टीकाकरण के बारे में भी बताएं। चोलापुर सीएचसी पर अधीक्षक डॉ आरबी यादव ने दिवस पर गोष्ठी के जरिये रेबीज़ से बचाव आदि के बारे में बताया। इस मौके पर डॉ मणिकांत तिवारी, डॉ आकांछा सिंह, फार्मासिस्ट रामकेवल, एचईओ, बीपीएम, एआरओ, बीएएम, बीसीपीएम, आशा कार्यकर्ता व संगिनी मौजूद रहे।
