‘निःसक्तजनों की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म-सीएमओ
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कुष्ठ रोगियों को किया फल का वितरण
वाराणसी 2 अक्टूबर 2022 राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी का जन्मदिन मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय में धूमधाम से मनाया गया । महात्मा गांधी एवं शास्त्री जी के चित्र पर माल्यार्पण करने के बाद एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसके पश्चात सीएमओ ने लंका व राजघाट क्षेत्र स्थित कुष्ठ आश्रम पहुंच कर कुष्ठ रोगियों को पर्सनल केयर किट प्रदान करने के साथ हीें उन्हें फल वितरित किया ।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संदीप चौधरी ने इस मौके पर महात्मा गांधी जी के जीवन संघर्ष, उनकी देश सेवा व जीवन मूल्यों पर प्रकाश डालते हुए विशेष रुप से निर्वलों एवं कमजोरों के कल्याण सम्बंधी अन्त्योदय की उनकी अवधारणा, एकता, राष्ट्रीय एकता व अखण्डता के सम्बंध में उनके विचारों को आत्मसात करने एवं रोगियों की सेवा को जीवन मूल्य बनाकर कार्य करने का आह्वाहन किया । उन्होंने गांधीवादी जीवन-दृष्टि पर बल देते हुए कहा की रोगियों की सेवा हमारा परम धर्म है तथा हम उनकी सेवा में सदैव तत्पर रहेंगे । उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी निःसक्तों की सेवा को सबसे बड़ा धर्म मानते थे। वह कहते थे कि यही सेवा भाव मनुष्य को देवत्व का स्थान दिला देता है। गांधी व शास्त्री जयंती पर सभी को संकल्प लेना चाहिए कि उनके सपनों को हर हाल में पूरा करेंगे।
गोष्ठी में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ एके मौर्य ने कहा कि अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी जिन्हें हम बापू और राष्ट्रपिता के नाम से संबोधित करते हैं, वह महान महापुरुष और स्वतंत्रता सेनानी थे। यदि हम यह कहें कि आज के भारत के निर्माण में गांधी का सर्वाधिक योगदान था तो कुछ भी गलत नहीं है, क्योंकि भारत की स्वतंत्रता और आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए उन्होंने सभी धर्मो के लोगों को एक करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। महात्मा गांधी ने तमाम उम्र सिर्फ देश के विकास के बारे में सोचा। इसलिए उन्होंने अपने पूरे जीवन में कभी भी कोई राजनीतिक पद नहीं लिया। गोष्ठी में मौजूद अन्य लोगों ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने प्रधानमंंत्री होते हुए ‘जय जवान जय किसान’ का नारा देकर देश को आत्मनिर्भर बनाने पर बल दिया था। उन्होंने देश की एकता एवं अखंडता को मजबूती दी तथा निर्बल एवं निर्धनों की सेवा में अपने जीवन को समर्पित कर दिया । इस अवसर पर डॉ राजेश प्रसाद, डॉ निकुंज कुमार वर्मा , डॉ यतीश भुवन पाठक ने भी विचार व्यक्त किया। गोष्ठी में अन्य चिकित्साकर्मी भी उपस्थित रहे।
पर्सनल केयर किट के साथ फल वितरण-
गोष्ठी के पश्चात मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ एके मौर्या, डॉ अतुल सिंह के साथ राजघाट स्थित गंगा कुष्ठ आश्रम व श्री काशी विश्वनाथ कुष्ठ आश्रम समिति, लंका पहुंच कर महात्मा गांधी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया तथा कुष्ठ रोगियों को फल का वितरण किया। साथ ही कुष्ठ विभाग की ओर से पर्सनल केयर किट भी कुष्ठ रोगियों को दिया गया, तथा उनके साथ कुछ समय बिताया । उन्होंने कुष्ठ रोगियों को आश्वस्त किया कि उनके उपचार में कोई कमी नहीं छोड़ी जायेगी।आश्रम में रह रहे लोगों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा दिखाए गए इस प्रेम,और करुणा के लिए खुशी व्यक्त किया ।
जनपद के विभिन्न चिकित्सालयों में गांधी जयंती के इस अवसर पर उनके चित्र पर माल्यार्पण करने के पश्चात उनके बताए गए आदर्शों, जीवन मूल्यों का अनुसरण करने एवं सेवा परमो धर्मः का प्रण लिया गया ।
