सिगापुर | सिगापुर अगले तीन साल में भारत से 180कनिष्ठ चिकित्सकों की भर्ती करने की योजना बना रहा है। इस कदम पर कई लोगों ने सवाल भी उठाए हैं। मीडिया की एक खबर में यह जानकारी दी गई है। खबर के अनुसार, 10अक्टूबर को समाप्त होने वाली एक निविदा के तहत 2022 से 2024 तक भारत से हर साल 60चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती करने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना को 2025 तक बढ़ाने की संभावना भी है। सिगापुर के सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों से संबद्ध एक कंपनी एमओएच होल्डिंग्स (एमओएचएच) के अनुसार, सिगापुर काम के बोझ को कम करने और अपनी स्वास्थ्य क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करने के लिए विदेश से चिकित्सकों की भर्ती कर रहा है।

कंपनी ने निविदा (टेंडर) की पुष्टि करते हुए कहा कि केवल भारत से नहीं बल्कि ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन से भी चिकित्सकों की भर्ती की जा रही है। कंपनी ने कहा कि उन्हें ऐसे लोगों की तलाश है जिन्होंने मेडिकल पंजीकरण अधिनियम में सूचीबद्ध मेडिकल स्कूलों से स्नातक किया हो। कंपनी ने कहा, ” इन चिकित्सकों को कड़े नियमों के तहत ‘क्लीनिकल प्रैक्टिस (इलाज करने) के लिए सशर्त पंजीकरण की अनुमति दी जाएगी। कंपनी के अनुसार, ” सिगापुर मेडिकल काउंसिल द्बारा मान्यता प्राप्त मेडिकल स्कूलों से स्नातक करने वाले स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जाती है। हालांकि इस निविदा को लेकर चिकित्सा समुदाय में चिताएं बढ़ गई हैं। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर इसको लेकर सवाल उठाए हैं।

कुछ ने भारत से चिकित्सकों की ”भर्ती पर सवाल उठाए तो कुछ ने नकली प्रमाणीकरण को लेकर चिता जाहिर की। अन्य कुछ लोगों ने पूछा कि सिगापुर इसके बजाय देश के मेडिकल स्कूलों में छात्रों की संख्या क्यों नहीं बढ़ा सकता?’सॉ स्वी हॉक स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के एसोसिएट प्रोफ़ेसर जेरेमी लिम पिछले महीने के अंत में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा था कि सिगापुर जैसे विकसित देश अगर विदेशों से स्वास्थ्य पेशेवरों की भर्ती करते हैं, तो यह चिता की बात है।

एमआएचएच ने बताया कि वह हर साल करीब 700कनिष्ठ चिकित्सकों की भर्ती करता है। इनमें से 90प्रतिशत सिगापुर के निवासी हैं जिन्होंने या तो सिगापुर के मेडिकल स्कूलों में पढ़ाई की है या जो विदेश में मान्यता प्राप्त मेडिकल स्कूलों से स्नातक करने के बाद देश लौट आए। देश में पिछले कुछ साल में चिकित्सकों की कमी बढ़ी है। ‘चैनल न्यूज एशिया ने कंपनी के एक प्रवक्ता के हवाले से बताया कि 2012 से 2019 के बीच सिगापुर मेडिकल स्कूलों ने छात्रों की भर्ती 45 प्रतिशत बढ़ाई है। 2012 में ये 350थी और 2019 में 510हो गई। कोविड-19 वैश्विक महामारी के प्रकोप के कारण 2020और 2021 में अतिरिक्त 40छात्रों को दाखिला दिया गया था।

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