इंटरनेट डेस्क। नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड इस समय नेपाल के दौरे पर है। यह उनका एक बड़ा दौरा है और सात दिनों तक रहने वाला है। इस दौरे के दौरान उनकी चीन के राष्ट्रपति शी जिनफिंग से भी मुलाकात हुई है और कई विकास के मुद्दे पर दोनों में चर्चा भी हुई। साथ ही साथ इस दौरान दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौते भी हुए हैं।

लेकिन नेपाल के प्रधानमंत्री ने चीन कर एक महत्वाकांक्षी योजना में शामिल होने से इंकार कर दिया है। इस योजना का नाम ग्लोबल सेक्यूरिटी इनिशिएटिव जिसमें नेपाल शामिल नहीं होगा। नेपाल के इस कदम को चीन के लिए झटके के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि चीन की ओर से नेपाल पर यह दबाव बनाया जा रहा था कि वो जीएसआई और वैश्विक सभ्यता पहल में शामिल हो।

मीडिया रिपोटर्स की माने तो चीन और नेपाल की ओर से हुए समझौतों पर एक संयुक्त बयान जारी किया गया है। दोनों देशों के बीच कई बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को लेकर समझौते हुए हैं लेकिन जीएसआई का उल्लेख नहीं किया गया है। हालांकि, नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड ने चीन की एक और महत्वाकांक्षी योजना क्रॉस-बॉर्डर कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट में शामिल होने पर सहमति जताई है।

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