इंटरनेट डेस्क। पाकिस्तान में इस समय एक बड़ा संकट छाया हुआ है और इस संकट के कारण राष्ट्रपति और सेना की इंटरनेशनल मीडिया में खूब चर्चा है। दो दिन पूर्व राष्ट्रपति ने ट्वीट कर कहा कि मैंने आधिकारिक गोपनीयता विधयेक 2023 और पाकिस्तान सेना अधिनियम 2023 पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। क्योंकि दोनों ही बिलों के प्रावधान संविधान की मूल भावना के खिलाफ है।

मीडिया रिपोटर्स के अनुसार हालांकि पहले ऐसी अफवाह उड़ाई जा रही थी कि राष्ट्रपति ने दोनों बिलों पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इस मामले में पाकिस्तान के राष्ट्रपति राशिद अल्वी ने अपने सचिव को बर्खास्त कर दिया। खबरों की माने तो सचिव पर राष्ट्रपति के आदेश को नहीं मानने और उनसे झूठ बोलने से इंकार कर दिया। वहीं बर्खास्तगी के बाद स्वयं अल्वी ने कहा कि दो प्रमुख विधयेकों पर हस्ताक्षर करने से इंकार कर दिया था।

मीडिया रिपोटर्स की माने तो राष्ट्रपति ने ट्वीट कर आगे कहा कि मैंने अपने सचिव को दोनों बिलों को पुनः सरकार को लौटाने के लिए कहा था। लेकिन मेरे कहने के बावजूद भी बिल वापस नहीं हुए। इस दौरान मुझे यह बताया गया कि बिल वापस कर दिए गए हैं। मेरे कर्मचारी मुझे कमजोर कर रहे हैं।

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