वाशिगटन | भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी मुक्त एवं खुले हिद-प्रशांत क्षेत्र और कानून एवं गरिमा के शासन को बढ़ावा देने की साझा प्रतिबद्धता पर आधारित है। भारत, अमेरिका और दुनिया के कई अन्य देश हिद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती मौजूदगी की पृष्ठभूमि में इस क्षेत्र के स्वतंत्र एवं खुले रहने की आवश्यकता पर बल दे रहे हैं। चीन लगभग संपूर्ण दक्षिण चीन सागर पर अपना दावा करता है, जबकि ताइवान, फिलीपीन, ब्रुनेई, मलेशिया और वियतनाम भी इसके कुछ हिस्सों पर अपना-अपना दावा करते हैं। बीजिग ने दक्षिण चीन सागर में कृत्रिम द्बीप एवं सैन्य संस्थान स्थापित किए हैं।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैराइन ज्यां पियरे ने अपने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ”अमेरिका और भारत के बीच रणनीतिक साझेदारी स्वतंत्र और खुले हिद-प्रशांत क्षेत्र, कानून के शासन और मानव स्वतंत्रता एवं गरिमा को बढ़ावा देने की हमारी साझा प्रतिबद्धता पर आधारित है। उन्होंने एक प्रश्न के उत्तर में कहा, ”हम क्षेत्रीय घटनाक्रम पर भारत के साथ निकटता से विचार-विमर्श करते हैं, लेकिन मैं राजनयिक संवाद पर टिप्पणी नहीं करूंगी।
