संयुक्त राष्ट्र | संयुक्त राष्ट्र (संरा) महासभा ने शुक्रवार को एक प्रस्ताव पारित किया, जिसमें सभी प्रकार की यौन और लिग आधारित हिसा की निदा की गई है। इस प्रस्ताव में सभी देशों से यौन हिसा के शिकार पीड़ितों को न्याय, क्षतिपूर्ति और अन्य सहायता प्रदान करने का आग्रह किया गया है। यह प्रस्ताव सिएरा लियोन और जापान ने मिलकर पेश किया था, जिसे चार संशोधनों पर मतदान के बाद सर्वसम्मति से स्वीकृत किया गया। चारों संशोधन 2:1 से अधिक के अंतर से खारिज कर दिए गए।

सिएरा लियोन के विदेश मंत्री डेविड फ्रांसिस ने प्रस्ताव पेश किया था। फ्रांसिस ने संयुक्त राष्ट्र विश्व स्वास्थ्य संगठन का हवाला देते हुए अनुमान जताया कि दुनियाभर में 35 प्रतिशत यानी लगभग 1.3 अरब महिलाएं यौन हिसा की शिकार हुई हैं। उन्होंने ”यौन हिसा के शिकार हुए लोगों के लिए न्याय, उपचार और सहायता तक पहुंच के वास्ते अंतरराष्ट्रीय सहयोग शीर्षक वाले प्रस्ताव को ”यौन हिसा के संकट को दूर करने की दिशा में एक ”महत्वपूर्ण पहला कदम बताया। फ्रांसिस ने कहा, ”हमारा ध्यान यौन हिसा को खत्म करने के लिए सहयोग बढ़ाने और इसके शिकार हुए लोगों का समर्थन करने के लिए अंतरराष्ट्रीय पहल में वृद्धि करने पर है।

नाइजीरिया ने संशोधन पेश किए, जिसका रूस, चीन, मलेशिया, निकारागुआ व अन्य देशों ने समर्थन किया। कई देशों ने दावा किया कि यौन और प्रजनन स्वास्थ्य एवं प्रजनन अधिकारों को लेकर पेश संशोधन की भाषा गर्भपात की अनुमति देगा। अंत में मूल प्रस्ताव, जिसे पश्चिमी देशों और कई अन्य देशों द्बारा अत्यधिक समर्थन दिया गया था, बिना किसी बदलाव के अपनाया गया। सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के विपरीत संरा महासभा के प्रस्ताव कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं हैं, लेकिन उनका प्रभाव होता है और ये वैश्विक राय को दर्शाते हैं। 27 सदस्यीय यूरोपीय संघ (ईयू) की ओर से चेक राजदूत जैकब कुल्हनेक ने प्रस्ताव को अपनाए जाने का स्वागत किया।

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